सपनों का खौफ - भाग 7
Writer: Lucky Thakur
अर्पित की आँखों के सामने वह आदमी अब गिर चुका था, उसकी शक्ति पूरी तरह से समाप्त हो चुकी थी। गुफा में चारों ओर सन्नाटा था, जैसे कोई बड़ा तूफ़ान शांत हो गया हो। अर्पित ने गहरी सांस ली और अपने अंदर की ऊर्जा को महसूस किया। उसकी शक्ति अभी भी तेज़ थी, लेकिन वह जानता था कि यह केवल शुरुआत थी। उसे अपनी शक्ति का सही दिशा में उपयोग करना था और यह समझना था कि यह शक्ति किसी भी समय उसे अपने खिलाफ भी इस्तेमाल कर सकती है।
वह आदमी, जो कभी इतनी शक्तिशाली ताकत का मालिक था, अब पूरी तरह से निर्बल था। अर्पित ने धीरे-धीरे उसकी तरफ देखा। वह आदमी अपनी आँखें बंद किए हुए था, जैसे वह हार मान चुका हो। उसकी हंसी भी अब चुप हो गई थी, और उसकी शारीरिक स्थिति भी कमजोर हो चुकी थी।
"तुमने अपनी शक्ति का गलत इस्तेमाल किया," अर्पित ने धीरे से कहा, "और अब तुमने सब कुछ खो दिया। तुम्हारी शक्ति अब मुझसे नहीं, बल्कि मेरे नियंत्रण से बाहर हो चुकी है।"
लेकिन जैसे ही अर्पित ने यह कहा, एक अजीब सी हलचल महसूस हुई। गुफा की दीवारों से एक अजीब सी कंपन होने लगी, जैसे कुछ भयंकर होने वाला हो। अर्पित को समझ में आ गया कि इस आदमी की हार के बावजूद कुछ बड़ा संकट उसके सामने आ सकता था। वह आदमी अभी भी उसे पूरी तरह से पराजित नहीं कर पाया था, और शायद उसके पास कोई और योजना थी।
"तुमने तो केवल एक हिस्से को हराया है," वह आदमी अपनी थकी हुई आवाज़ में बोला। "मुझे हार मानने का कोई इरादा नहीं था। तुम सोचते हो कि यह सब खत्म हो गया है, लेकिन असल में यह तो अब शुरू हुआ है।"
अर्पित ने घबराए बिना, उसकी आँखों में गहरी समझदारी और दृढ़ता दिखाते हुए कहा, "तुम गलत समझ रहे हो। अगर मेरी शक्ति मेरे नियंत्रण में नहीं होती, तो यह मुझे नष्ट कर सकती थी। और अगर मुझे डर था तो मैंने उसे हरा दिया है। मैं उसे सही दिशा में प्रयोग करूंगा।"
लेकिन, उस आदमी की हंसी फिर से गूंजने लगी। उसकी हंसी अब अजीब सी हो रही थी, जैसे वह किसी गहरे रहस्य को छुपाए हुए हो। अर्पित को समझ में आ गया कि वह आदमी सिर्फ एक साधारण जादूगर नहीं था, बल्कि वह उस शक्तिशाली रहस्यमय दुनिया का हिस्सा था, जिसकी सीमा को वह अब समझने लगा था।
"तुम्हें पता है?" उस आदमी ने कहा, "यह सब केवल एक खेल है। अब तुम जिस दिशा में जा रहे हो, वहां वह शक्ति तुम्हारे लिए एक खतरा बन जाएगी। वह शक्ति, जो तुम्हारे अंदर है, उसे सही दिशा में प्रयोग करना इतना आसान नहीं होगा। वह तुम्हें अपनी तरफ खींचेगी, और तुम्हें भी अपनी तरह बना देगी।"
अर्पित को अब डर नहीं लग रहा था, लेकिन वह यह जानने की कोशिश कर रहा था कि वह आदमी अब क्या कहना चाहता था। "क्या तुम मुझे डराना चाहते हो?" अर्पित ने कहा, "तुमने मुझे हारने के बाद अब क्यों यह सब कह रहे हो?"
वह आदमी फिर से हंसा, और एक बार फिर उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक दिखाई दी। "तुम सिर्फ मुझे नहीं हराए हो," वह बोला, "तुमने खुद को भी चुनौती दी है।"
अर्पित को यह महसूस हुआ कि वह केवल उस आदमी से नहीं, बल्कि अपनी खुद की शक्तियों से भी जूझ रहा था। उसे पता था कि अगर वह इस यात्रा में और आगे बढ़ता है, तो उसकी शक्ति का सामना उसे अपनी कमजोरियों और डर से भी करना होगा।
"मैं अपने डर से नहीं भागूँगा," अर्पित ने दृढ़ता से कहा। "मैं अपने रास्ते पर आगे बढ़ूँगा, चाहे जो हो।"
उस आदमी ने अर्पित की आँखों में देखा, और फिर गहरी सांस ली। "तुम बहुत समझदार हो, अर्पित," वह बोला, "तुमने मेरे शब्दों को सही तरीके से समझा। लेकिन क्या तुम अपनी शक्ति को इतने आसानी से नियंत्रित कर सकोगे?"
अर्पित ने कहा, "मैं अपनी शक्ति को जानता हूं और मैं उसे नियंत्रण में रखूंगा। मुझे पता है कि यह रास्ता कठिन होगा, लेकिन मैं सही दिशा में ही जाऊँगा।"
सहसा, वह आदमी गुफा की दीवार से टिका और गिरने लगा। अर्पित ने देखा कि उसकी आँखों में अब एक अलग प्रकार का डर था। यह डर खुद से था, क्योंकि अब वह जान चुका था कि उसने जो कुछ भी किया था, वह उसे ही नष्ट कर सकता था।
अर्पित अब पूरी तरह से सचेत था। उसने अपनी शक्ति को पूरी तरह से समझ लिया था, और अब उसे इस शक्ति के साथ संतुलन बनाना था। लेकिन वह जानता था कि यह कठिन काम था। हर कदम पर उसे अपनी शक्ति के सही प्रयोग के बारे में सोचना होगा। अगर वह एक गलत कदम उठाता, तो वह खुद ही खतरे में पड़ सकता था।
"तुम तो यही सोचते थे कि अपनी शक्ति का सही इस्तेमाल कर लोगे," वह आदमी आखिरी बार बोला, "लेकिन क्या तुम सच में इसे संभाल पाओगे?"
अर्पित ने कोई जवाब नहीं दिया। उसने बस अपनी अंगूठी पर ध्यान दिया और महसूस किया कि वह शक्ति उसके भीतर पूरी तरह से समाहित हो चुकी थी। अब, उसे सिर्फ अपनी यात्रा पूरी करनी थी।
गुफा में एक अजीब सी शांति छाई हुई थी। वह आदमी अब पूरी तरह से हार चुका था। अर्पित ने अपनी यात्रा को आगे बढ़ाने का मन बना लिया। उसकी यह लड़ाई खत्म नहीं हुई थी, बल्कि यह तो बस एक नई शुरुआत थी। अब उसे अपनी शक्तियों को नियंत्रित करना था और पूरी दुनिया के लिए सही रास्ता ढूंढ़ना था।
लेकिन क्या वह सच में अपनी शक्ति पर नियंत्रण पा सकेगा? क्या वह पूरी दुनिया को इस शक्ति के खतरे से बचा पाएगा?
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